Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
सी, दवा से बेहतर काम करेंगे ये 4 घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–े
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में खांसी à¤à¤• आम समसà¥â€à¤¯à¤¾ है और इसकी वजह से अकà¥â€à¤¸à¤° बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को सोने में दिकà¥â€à¤•त आती है। खांसी वैसे तो बहà¥à¤¤ परेशान करती है लेकिन रात के समय यह समसà¥â€à¤¯à¤¾ और बढ़ जाती है। आप à¤à¥€ इस बात से सहमत होंगे कि रात के समय खांसी जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाती है और इसके कारण बार-बार नींद खराब होती है।
खांसी बचà¥â€à¤šà¥‡ की इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी को कमजोर कर देती है। इसलिठबचà¥â€à¤šà¥‡ को खांसी होने पर मांà¤à¤‚ सबसे पहले घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–ों की मदद लेती हैं। यहां हम आपको बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में खांसी होने के कारणों के साथ-साथ रात के समय खांसी उठने के कà¥à¤› घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–ों के बारे में बता रहे हैं।
सरà¥à¤¦à¥€ और जà¥à¤•ाम की वजह से बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को खांसी हो सकती है। à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफलकà¥â€à¤¸ में à¤à¥€ खांसी हो जाती है। बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को असà¥â€à¤¥à¤®à¤¾ के कारण à¤à¥€ खांसी उठसकती है। साइनस में कà¥à¤› à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की वजह से à¤à¥€ खांसी आ सकती है। ठंडे मौसम में बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को अकà¥â€à¤¸à¤° खांसी और जà¥à¤•ाम हो जाता है। यह फूड à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की वजह से à¤à¥€ हो सकता है। धूल-मिटà¥à¤Ÿà¥€ या गले या फेफड़ों में इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ या बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस जैसी सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤“ें की वजह से à¤à¥€ खांसी आ सकती है। रात के समय खांसी उठने पर निमà¥â€à¤¨ घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–ों से बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को आराम दिला सकते हैं।
​हलà¥â€à¤¦à¥€ की जड़
हलà¥â€à¤¦à¥€ की जड़ को जलाकर बचà¥â€à¤šà¥‡ को उसके धà¥à¤à¤‚ में सांस लेने के लिठकहें। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में इसे धूम पान कहा गया है। यह खांसी का असरकारी नà¥à¤¸à¥â€à¤–ा है। आप जलते हà¥à¤ कोयले में हलà¥â€à¤¦à¥€ की कà¥à¤› पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ डाल दें। इस पर थोड़ी हलà¥â€à¤¦à¥€ डालें और इसे जलने दें। इसके धà¥à¤à¤‚ में बचà¥â€à¤šà¥‡ को सांस लेने के कहें।
​सिर को ऊपर उठाकर रखें
कà¥à¤› मामलों में रात के समय बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को इसलिठखांसी उठती है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मà¥â€à¤¯à¥‚कस नाक के पीछे से गले में पहà¥à¤‚च जाता है। इससे रात को बार-बार खांसी उठती है। खांसी आने पर बचà¥â€à¤šà¥‡ के सिर के नीचे कà¥à¤› तकिठलगा दें और उसके सिर को ऊपर उठाकर रखें। इससे मà¥â€à¤¯à¥‚कस नीचे म उतरेगा और रात को खांसी कम आà¤à¤—ी।
​मालिश
इन मामलों में सरसों के तेल की मालिश बहà¥à¤¤ कारगर साबित होती है। à¤à¤• कटोरी में थोड़ा-सा सरसों का तेल लेकर गरà¥à¤® करें और थोड़ा लहसà¥à¤¨ कूटकर डाल दें। तेल के थोड़ा ठंडा होने पर शिशॠके गले, छाती, पीठ, हथेलियों और तलवों की मालिश करें।
सरसों का तेल शरीर को गरà¥à¤® रखता है और लहसà¥à¤¨ में à¤à¤‚टीमाइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं जो संकà¥à¤°à¤®à¤£ को दूर रखता है।
​तà¥à¤²à¤¸à¥€ और शहद
तà¥à¤²à¤¸à¥€ इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी को बढ़ाती है और सà¤à¥€ तरह के संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ से बचाती है। तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कफ-निसà¥â€à¤¸à¤¾à¤°à¤• गà¥à¤£ होते हैं जो मà¥â€à¤¯à¥‚कस को पतला कर के छाती में कफ जमने से रोकता है। यह खांसी पैदा करने के वाली नसों पर à¤à¥€ काम करती हैं।
​तà¥à¤²à¤¸à¥€ के साथ शहद
वहीं दूसरी ओर शहद के à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टीवायरल गà¥à¤£ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ को दूर कर गले को आराम दिलाते हैं। आप तà¥à¤²à¤¸à¥€ के रस में शहद मिलाकर बचà¥â€à¤šà¥‡ को दे सकते हैं। इससे खांसी में काफी आराम मिलता है।
| --------------------------- | --------------------------- |